जड़े हिला के रख दी भारत की, कुछ बात है की हस्ती भी मिट सकती है हमारी ! हल्के में न ले इसे

नोट: इस खबर का शीर्षक पढ़कर आप जल्दबाजी में कोई निष्कर्ष, पूर्वाग्रह न ले ये खतरनाक हो सकता है, पूरी खबर पढ़े, आपकी सुविधा के लिए एक ही स्लाइड पर पूरी खबर दी हुयी है |

आपने बचपन में, विद्यार्थी जीवन में, या कहीं और भी, ये लाईने तो सुनी ही होंगी देश की प्रशंसा में  कि “रोमां मिस्र मिट गए इस जहाँ से पर कुछ बात है कि हंसती मिटती नहीं हमारी” | लेकिन एक नयी कहावत है कि शैतान के घर अंधेर भी है और जल्दी भी है | अगर कुछ किया नहीं तो बहुत जल्द हस्ती भी मिट सकती है भारतीय सभ्यता की |

भारत 1200 साल लड़ा विदेशी अक्रमणकारियों, लुटेरों से (जिनमे कुछ तो धर्म-संस्कृति भी मिटाना चाहते थे) पर सबको हमने हराया | अंग्रेज भी चले गए | अब भाग गए या स्वयं गए, ये तो वक्त ही बताएगा क्योंकि, उनकी बनायीं सारी व्यवस्थाएं तो आज भी ज्यों की त्यों है |  जो मास्टर स्ट्रोक उन्होंने लगाया था वो इतना कारगर निकला कि 70 सालों से भारत को निरंतर खोखला कर रहा है और अप्रत्यक्ष रूप से विदेशी शासन चल रहा है ?  

प्रत्येक को अच्छे से याद होगा कैसे स्कूलों में निबन्ध, वाद-विवाद प्रतियोगिताओं  द्वारा ‘जॉइंट-फैमली, न्यूक्लियर-फैमली विषय’ पर कभी न कभी चर्चा करायी जाती थी, आज भी की जाती है | और न्यूक्लियर फैमली अच्छी होती है यह दिमाग में बैठा दिया जाता था | न्यूक्लियर फैमली की तारीफ़ पर ही परीक्षा में अंक मिलते हैं |

हालांकि आपको शायद ये बात नहीं मालूम होगी कि टी.बी. मैकोले ने सामान्य भारतीय की नैतिकता, ईमानदारी, चरित्रशुद्धि, सरलता, धार्मिक प्रवृत्ति, विद्वत्ता व साक्षरता को अंग्रेजों के लिए घातक पाया और  भारत में अंग्रेजियत की लम्बी उम्र के लिए ‘स्कूल’ रूप में शिक्षण की नयी व्यवस्था शुरू करने का प्रस्ताव रखा था, और हमारी वर्तमान शिक्षा प्रणाली उसी के बनायी हुयी है | असहज मत होइए जरा ये आंकड़े देखिये … aq-2देश का पहला पूर्ण साक्षर राज्य केरल, Times Of India 11 अप्रेल 2013, तीन महीने में  1937 तलाक (ध्यान रहे केरल एक छोटा राज्य भी है),  The Economic Times 17 nov 2010 ज्वालामुखी विस्फोट से भी तेजी से बड़ रहे केरल की नई पीढ़ी में परिवार टूटने के केस,The New Indian Express 30 aug 2016 सरकारी आंकड़ो के अनुसार जनवरी 2011-12 के बीच 44236 मामले परिवार-कोर्ट में आये और अकेले 2010-11 में 24815 तलाक हुए थे, छोटे से राज्य में ! अब एक विचित्र सर्वे देखिये जो सर्व्वोच्च शिक्षा संस्थानों में से एक आई.आई.टी मुम्बई  में हुआ, और 02 सितम्बर राजस्थान-पत्रिका में प्रकाशित है जिसके अनुसार 70%  छात्र रोज नहीं नहाते, मात्र 39% धार्मिक है और सिर्फ 27% लौटकर घर जाना चाहते हैं | 19% अकेले रहना चाहते हैं वहीँ ज्यादातर छात्रों को लम्बे समय तक होस्टल में ही रहना पसंद करते है| आप अपने स्वयं के अनुभव से याद कीजिये, दोस्तों के अनुभव से मिलाईये क्या पूरे देश के कोलेज-होस्टल्स में यही हाल नहीं है ? ये तो वे बातें हैं जो यहाँ लिखी जा सकती है, जो आपको मालूम है पर जो  यहाँ लिखी नहीं जा सकती उनका क्या ? अब तीसरी रिपोर्ट देखिये जो खुद राष्ट्रीय अपराध रिकार्ड ब्यूरो की है और ये भी 2 सित. राज.प. में प्रकाशित हुयी है- देश के सबसे विकसित राज्यों में से एक गुजरात में जीवनसाथी की बेवफाई के किस्सों में 262% की वृद्धि हुयी है, अब सुनिए गुजरात वि.वि. के साइकोलोजी विभाग के प्रोफ़ेसर को “बीते कुछ दशकों में राज्य व देश में संयुक्त परिवारों में तजी से कमी आई है, विभक्त परिवार बढ़ने के चलते सामाजिक दवाब भी  कम हुआ है, परिवार के गठन बदलने से नैतिकता का भी पतन हो रहा है, जिससे लोगों में अपने जीवनसाथी से वफादारी का भाव था वो कम हुआ हैवहीँ सामाजिक विज्ञान के रोफेसर ने कहा “संयुक्त परिवार से मिलने वाले संस्कार और डर का भाव ख़त्म हुआ है | संवादिता कम हुयी है जिस से ऐसी घटनाएं बढ़ रही है |”
aq5अब आप क्या समझे पता नहीं, पर इतना जरुर कहना है कि धरती  पर रोम व मिस्र देश आज भी हैं, सिर्फ उनकी मूल संस्कृति मिट गई इसलिए रोम रोम न रहा, मिस्र मिस्र न रहा ! भारत की पहचान दुनिया में सबसे पुराने सांस्कृतिक देश के रूप में है, अहिंसा से है बाकी सब देश तो हथियारों के सौदागर, परमाणु बम चलने वाले, आतंक फ़ैलाने वाले, दूसरों का रुपया, संस्कृति, जमीन हड़पने वाले हैं, पर भारत इकलौता सभ्यता का शिक्षक है जिसे दुनिया को धर्म-नीति-शांति का पाठ पढ़ाना है| जिसकी ताकत इसके परिवार रुपी समाज की सबसे छोटी इकाई में समाई है| इस परिवार ने आजतक धर्म को पकड़ रखा था जिसे 1200 साल के आक्रमण नहीं छुटा पाए|भारत की ताकत रही परिवार की कड़ी टूट रही है, और  गलत शिक्षा इसके लिए जिम्मेदार है | पता नहीं आप क्या कर पाएंगे पर …इतना तो तय है जो लोग तलवार से नहीं कर पाए उस भारत को गलत शिक्षा ने मात्र 70 सालों से खोखला कर दिया |copy-aq-5-3.png

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